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Agneepath Scheme | अग्निपथ योजना

Agneepath Scheme Recruitment | अग्निपथ योजना भर्ती

 

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Agniveer Recruitment 2022 | अग्निवीर भर्ती 2022

 

अग्निपथ योजना क्या है ? [ What is Agneepath scheme ? ] 

 

अग्निपथ योजना भारत सरकार द्वारा 14 जून 2022 को सशस्त्र बलों ( Armed Force ) की तीन सेवाओं ( इंडियन आर्मी, इंडियन एयर फोर्स, इंडियन नेवी ) में कमीशन अधिकारियों के पद से नीचे के सैनिकों की भर्ती के लिए शुरू की गई एक नई योजना है। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को अग्निवीर कहा जाएगा । अग्निवीरों की भर्तियां चार साल के कार्यकाल के लिए होंगी जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण और उसके बाद 3.5 साल की तैनाती शामिल है।

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सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें सशस्त्र बलों में बने रहने के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा और स्थायी संवर्ग के लिए 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों का चयन किया जाएगा । चयन करने का सम्पूर्ण निर्णय सेना के पास होगा । 4 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक पेंशन के लिए पात्र नहीं होंगे, लेकिन कार्यकाल के अंत में लगभग ₹ 11.71 लाख रूपये की राशि एकसाथ प्राप्त करेंगे ।

 

अग्निवीरों को भी मिलेंगे सम्मान और पुरस्कार [ Agniveer Respect and Agniveer Award ] 

 

भारतीय सेना द्वारा अग्निवीरों के लिए जारी नियमों और शर्तों के मुताबिक, वे भारतीय सेना के विषय को नियंत्रित करने वाले मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे।

 

Agneepath Scheme Recruitment | अग्निपथ योजना भर्ती

 

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) को लेकर देशभर में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है । इसी बीच, भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती रैली (Agniveer Recruitment Rally ) के लिए ऑफिसियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है । अग्निपथ योजना के तहत जुलाई 2022 से अग्निवीर भर्ती रजिस्ट्रेशन 2022 ( Agniveer Bharti Registration 2022 ) की शुरुआत की जाएगी । वहीं, अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना ( Agneepath Defence Recruitment Scheme ) के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण हजारों ट्रेनें प्रभावित हुई है ।

 

अग्निपथ ऑफिसियल नोटिफिकेशन [ Agneepath Official Notification ] 

 

इंडियन आर्मी के द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अग्निवीर ट्रेनिंग पीरियड [ Agniveer Training ] सहित 4 साल की सेवा अवधि के लिए अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी  । अग्निवीर सेना अधिनियम, 1950 के अधीन होंगे, ऐसे में उन्हें भूमि, समुद्र या वायु मार्ग से कहीं पर भी आने जाने के लिए उत्तरदायी माना जाएगा । अग्निपथ ऑफिसियल नोटिफिकेशन के अनुसार, अभ्यर्थियों की भर्ती चार सालों के लिए होगी । ड्यूटी के दौरान हर साल उन्हें 30 दिनों की छुट्टी भी प्रदान की जाएगी ।

 

अग्निवीर वेतनमान [ Agniveer Pay Scale ]

 

पहले साल - 30000 रुपये

दूसरे साल - 33000 रुपये

तीसरे साल - 36500 रुपये 

चौथे साल - 40000 रुपये 

 

नोट - वेतन तथा भत्ते अलग से दिए जाएंगे

 

अग्निवीर में कैसे होगी भर्ती ?

अग्निपथ योजना के द्वारा कैसे होगी भर्ती ?

 

इंडियन आर्मी द्वारा जारी अग्निपथ ऑफिसियल नोटिफिकेशन के अनुसार अग्निपथ योजना के द्वारा ( Agneepath Scheme ) इन 5 ग्रेड्स पर भर्ती होगी -

 

1. अग्निवीर जनरल ड्यूटी

​2. अग्निवीर टेक्निकल

​3. अग्निवीर टेक्निकल (एविएशन/ एम्युनिशन एग्जामनर)

​4. अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल

​5. अग्निवीर ट्रेडमैन और अग्निवीर ट्रेड्समैन

 

अग्निवीर ट्रेडमैन 10वीं पास और अग्निवीर ट्रेड्समैन 8 वीं पास के लिए संबंधित एआरओ द्वारा जुलाई 2022 से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी ।  अग्निपथ योजना के तहत इन कुल 5 ट्रेड्स पर भर्ती ली जाएगी ।  

 

अग्निपथ योजना के द्वारा आर्मी में जाने के लिए आवेदन कहाँ से करें ?

अग्निवीर भर्ती 2022 के लिए कैसे अप्लाई करें ?

 

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती/अग्निवीर भर्ती 2022 के लिए अप्लाई करने के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी इंडियन आर्मी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन एप्लिकेशन फॉर्म भर पाएंगे ।

 

अग्निवीर की ड्यूटी लोकेशन कहाँ होगी ?

अग्निवीर की भर्ती किस - किस रैंक पर होगी ?

 

इंडियन आर्मी ने अग्निपथ सेनाभर्ती योजना के द्वारा सेना में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों के लिए दिशा-निर्देश और अन्य संबंधित जानकारी ऑफिसियल नोटिफिकेशन द्वारा जारी किए हैं । इंडियन आर्मी के अफसरों का कहना है की अग्निवीर भारतीय सेना में अलग श्रेणी होगी जो मौजूदा रैंक से अलग होगी, अग्निपथ योजना तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को भारत में किसी भी जगह, किसी भी रेजीमेंट या यूनिट में तैनात किया जा सकेगा । भारतीय सरकारी गोपनीयता अधिनियम 1923 के तहत अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के दौरान मिली गोपनीय सूचनाओं को किसी भी अनाधिकारिक व्यक्ति या सूत्र को नहीं बता सकेंगे ।

 

क्या अग्निपथ के अलावा सभी इंडियन आर्मी भर्ती बंद हो जाएगी ?

 

इंडियन आर्मी ने कहा की - " अग्निपथ योजना के लागू होने से सेना के मेडिकल ब्रांच के टेक्निकल कैडर के अलावा अन्य सभी सामान्य कैडरों में सैनिकों की भर्ती सिर्फ उन्हीं के लिए खुलेगी जिन्होंने अग्निवीर के रूप में अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है । "

 

अग्निवीर अपनी ड्यूटी बीच में छोड़ सकते हैं या नहीं ?

 

सेना ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि  - " सेवा काल समाप्त होने से पहले अग्निवीर अपनी इच्छा से सेना नहीं छोड़ सकेंगे । हांलाकि, बेहद विषम परिस्थितियों में, अग्निपथ योजना के द्वारा भर्ती सैनिक को सक्षम प्राधिकार की अनुमति पर सेना छोड़ने की अनुमति होगी ।


100000+ से भी अधिक अग्निवीरों की बम्पर भर्ती 

 

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि - " 46000 अग्निवीरों की नियुक्ति की एक छोटी शुरुआत की है, लेकिन निकट भविष्य में 125 लाख तक अग्निवीरों की भर्ती की योजना है । उन्होंने कहा कि अगले 4-5 सालों में 50000-600000 अग्निवीरों की जरूरत होगी जो कि बाद में बढ़कर 90,000 से 1 लाख तक पहुंच जाएगी । उन्होंने कहा कि सेना में अग्निवीरों की भर्ती का आंकड़ा 46000 तक ही सीमित नहीं रहेगा ।

 

अग्निपथ ऑफिसियल नोटिफिकेशन [ Agneepath Official Notification ]

 

इंडियन आर्मी ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑफिसियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, जुलाई 2022 से अग्निवीर रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। अग्निवीर रेजिस्ट्रेशन के लिए इंडियन आर्मी की ऑफिशियल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। जानकारी के मुताबिक, 21 जून को इंडियन एयर फोर्स ने भी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और 24 जून को इंडियन नेवी का नोटिफिकेशन भी सम्भवतः आ जाएगा । इस तरह भारत की तीनों सेना ने अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि इस योजना के विरोध के बावजूद रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने सीधा जवाब देकर साफ कर दिया था कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया जाएगा ।

 

देश के कोने-कोने में अग्निवीर भर्ती रैलियों का होगा आयोजन

 

अग्निवीरों की भर्ती के लिए देशभर में कुल 83 भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा । सेना का मानना है कि देश का कोई गांव नहीं बचेगा, जहां के युवाओं को भर्ती का मौका नहीं मिलेगा । शनिवार को एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि 24 जून से अग्निवीरों के रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। 

 

अग्निवीर के लिए चयन प्रकिया 

 

जल्द ही विभिन्न भर्ती यूनिटें एक जुलाई से अधिसूचनाएं जारी करेंगी।

 

इंडियन आर्मी : 25 हजार रंगरूटों का पहला बैच ट्रेनिग के लिए दिसंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में रवाना हो जाएगा।

दूसरा बैच फरवरी, 2023 में ट्रेनिग के लिए पहुंच जाएगा।

देशभर में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

 

इंडियन नेवी : पहला अग्निवीर 21 नवंबर को प्रशिक्षण के लिए जाएगा

वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि नौसेना में भर्ती का व्यापक दिशा-निर्देश 25 जून को जारी होगा और पहला अग्निवीर प्रशिक्षण कार्यक्रम में 21 नवंबर को शामिल होगा। इस भर्ती में लैंगिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा।

 

इंडियन एयर फोर्स  : 24 जून से पंजीकरण 30 दिसंबर तक पहला बैच

एयर मार्शल झा ने कहा कि भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 24 जून को शुरू होगी और ऑनलाइन परीक्षा का चरण 24 जुलाई से आरंभ होगा। पहले बैच का प्रशिक्षण 30 दिसंबर तक आरंभ होने की उम्मीद है।

 

अग्निवीर आयु सीमा [ Agneevir Age Limit ]

 

नई शुरू की गई योजना के तहत, केवल साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के उम्मीदवार ही भर्ती के लिए पात्र हैं।

 

बड़े पैमाने पर विरोध के बाद, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह उन लोगों को अनुमति देगा जो 2020 में 21 वर्ष के थे, जब भर्तियां रुकी हुई थीं, केवल इस वर्ष के लिए पात्र होंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि - “2022 के लिए अग्निपथ योजना के लिए भर्ती प्रक्रिया के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया है”।

 

अग्निवीर में शामिल होने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

 

अग्निपथ योजना के तहत आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को एक लिखित प्रतिज्ञा प्रस्तुत करनी होगी कि वे योजना के खिलाफ हिंसक विरोध में शामिल नहीं थे। 18 वर्ष से कम उम्र के अभ्यर्थियों को भर्ती फॉर्म पर लागू नियमों के अनुसार माता-पिता या अभिभावक के हस्ताक्षर करवाने होंगे। 

 

"भारतीय सेना की नींव अनुशासन में है। आगजनी, तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। हर व्यक्ति एक प्रमाण पत्र देगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुलिस सत्यापन 100% है, इसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है।"

 

इन देशों में पहले से ही लागू है अग्निपथ जैसी योजना

 

इजराइल : इजराइल में सैन्य सेवा पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अनिवार्य है। 2020 तक पुरुषों के लिए अनिवार्य सेवा 2 साल और 6 महीने थी, महिलाओं के लिए 2 साल है। राष्ट्रीय सेवा (NS) देश और विदेश में रहने वाले इजरायली नागरिकों पर लागू होती है। नए अप्रवासियों और कुछ धार्मिक समूहों के लिए चिकित्सा आधार पर छूट दी गई है।

ब्राजील : यहाँ तो और भी गजब है , ब्राजील में पुरुषों को अपने 18वें जन्मदिन पर 12 महीने की सैन्य सेवा देनी होती है। हालांकिस्वास्थ्य कारणों से इसमें छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा यदि आप विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैंतो यहाँ सेवा में छूट मिल सकती है।

बरमूडा : इस देश में भी देश सेवा को अनिवार्य किया गया है। हालांकि, बरमूडा यूनाइटेड किंगडम ( UK )का एक विदेशी क्षेत्र है, फिर भी अपने स्थानीय बल के लिए वह भर्ती करता है। 18 और 32 वर्ष की आयु के बीच के पुरुषों को 38 महीने की अवधि के लिए बरमूडा रेजिमेंट में सेवा देनी आवश्यक होती है। इसके लिए चयन लाटरी सिस्‍टम से किया जाता है।

ईरान : ईरान में सैन्‍य सेवा को अनिवार्य किया गया है। ईरान में पुरुषों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा हैजो 18 साल की उम्र से शुरू होती है। हालांक‍िशारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और अक्षमताओं के लोगों को इसमें छूट दी गई है, इसके अतिरिक्‍त उन छात्रों को छूट दी गई है, जो विश्वविद्यालय में अध्ययनरत है। वह विलंब से इस सेवा में शामिल होते हैं। यहाँ सैन्य सेवा की अवधि आम तौर पर 24 महीने होती हैलेकिन निराश्रित क्षेत्रों में सेवा के लिए इसे घटाकर 22 महीने और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए 20 महीने है। 

साइप्रस : साइप्रस में 17 और 50 वर्ष की आयु के बीच सभी पुरुषों के लिए सैन्‍य सेवा को अनिवार्य किया गया है।2008 के बाद से अर्मेनियाई, लैटिन और मैरोनाइट्स के धार्मिक समूहों से संबंधित सभी पुरुषों को भी इसमें शामिल किया गया है। यहाँ सैन्य सेवा 24 महीने तक चलती है। 

ग्रीक : यहाँ भी देश सेवा को अनिवार्य किया गया है। ग्रीस कानून नियम के तहत 19 से 45 वर्ष की आयु के बीच के ग्रीक पुरुषों को सैन्य सेवा करना अनिवार्य है। यह कानून किसी भी व्यक्ति पर लागू होता है, जिसे ग्रीक अधिकारी ग्रीक मानते हैं, भले ही वह व्यक्ति खुद को ग्रीक नहीं मानता हो, उसके पास विदेशी नागरिकता और पासपोर्ट हो या वह ग्रीक के बाहर पैदा हुआ हो या रहता हो।

दक्षिण कोरिया : 18-28 वर्ष की आयु के बीच सभी सक्षम कोरियाई पुरुषों को लगभग दो वर्षों तक देश की सेना में सेवा करने की आवश्यकता होती है। पिछले साल दिसंबर में दक्षिण कोरियाई संसद ने सभी पाप स्टार्स को 30 साल की उम्र तक अपनी सैन्य सेवा में देरी करने की अनुमति देने वाला एक विधेयक पारित किया था। 

उत्तर कोरिया : उत्‍तर कोर‍िया में सैन्‍य सेवा को अनिवार्य किया गया है। पुरुषों को सार्वभौमिक रूप से भर्ती किया जाता है, जबकि महिलाओं को चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यहाँ सैन्य सेवा 17 से प्रारंभ होती है और 30 वर्ष की उम्र पर समाप्त होती है। उत्तर कोरिया में कोरियाई युद्ध से पहले पहली बार भर्ती शुरू हुई थी। 

सिंगापुर : राष्ट्रीय सेवा (एनएस) अनिवार्य भर्ती और कर्तव्य हैजो प्रत्येक पुरुष नागरिक और पीआर को 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर करना चाहिए। एनएस को सिंगापुर सशस्त्र बलों (एसएएफ)सिंगापुर नागरिक सुरक्षा बल (एससीडीएफ) या सिंगापुर पुलिस बल में सेवा दी जा सकती है। सिंगापुर में सैन्य सेवा अनिवार्य है। यदि इसमें चूक होती है और यदि दोषी साबित हो जाता है तो उस  पर 10 हजार सिंगापुरियन डालर से अधिक के जुर्माने या 3 साल से अधिक की अवधि के कारावास या दोनों की सजा दी जा सकती है ।

स्विट्जरलैंड : स्विट्जरलैंड में स्विस सेना में सभी सक्षम पुरुष नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। हालांकि महिलाएं किसी भी स्थिति के लिए स्वयंसेवा कर सकती हैं। बुनियादी सैन्य सेवा लगभग 21 सप्ताह की होती है।

मेक्सिको : वर्ष 2000 के बाद से मैक्मसिको में महिलाओं को सैन्य सेवा के लिए स्वयंसेवा करने की अनुमति दी गई है। लेकिन सभी 18 वर्षीय पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। सक्रिय-ड्यूटी के लिए भर्ती केवल 18 से 21 वर्ष की आयु के लिए हो सकती है। इसमें वह नागरिक शामिल हैं, जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा पूरी की है। 

रूस : रूस में 18 से 27 वर्ष की आयु के पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। 1980 के दशक में सैन्य सेवा की अवधि 2 साल से घटाकर 18 महीने कर दी गई थी, लेकिन 1995 में विधायी परिवर्तनों ने इसे फिर से 2 साल तक के लिए बढ़ा दिया। 

संयुक्त अरब अमीरात : संयुक्त अरब अमीरात में इसे आमतौर पर राष्ट्रीय सेवा (एनएस) के रूप में जाना जाता है। 17 से 30 वर्ष की आयु के सभी अमीराती पुरुषों के लिए राष्ट्रीय सैन्य सेवा अनिवार्य है। इसकी अवधि 16 महीने के लिए होती है। संयुक्त अरब अमीरात ने सितंबर 2014 में अपनी राष्ट्रीय सेवा शुरू की।

 तुर्की : तुर्की में अनिवार्य सैन्य सेवा 20 से 41 वर्ष की आयु के सभी पुरुष नागरिकों पर लागू होती है। जो लोग अपने सैन्य प्रारूपण से पहले उच्च शिक्षा या व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लगे हुए हैंउन्हें सेवा को तब तक स्थगित करने की अनुमति हैजब तक कि वे कार्यक्रम पूरा नहीं कर लेते या एक निश्चित आयु तक नहीं पहुंच जाते। 

थाईलैंड : थाईलैंड में 1905 में भर्ती शुरू की गई थी। देश के संविधान के अनुसार, सशस्त्र बलों में सेवा करना सभी थाई नागरिकों का राष्ट्रीय कर्तव्य है। व्यवहार में केवल 21 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष जो आरक्षित प्रशिक्षण से नहीं गुजरे हैं, वे भर्ती के अधीन हैं।

 

रक्षा मंत्रालय की अग्निपथ को लेकर बयान

 

सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सैन्‍य अधिकारियों ने रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर युवाओं की ढेर सारी आशंकाओं का निवारण करने का प्रयास किया। इस दौरान सैन्‍य अधिकारियों ने संवाददाताओं की ओर से पूछे गए कई सवालों के जवाब भी दिए। सैन्‍य अधिकारियों ने कहा कि सेना अग्निवीरों को अकेला नहीं छोड़ेगी। आइये जानें इस प्रेस कांफ्रेंस की बड़ी बातें कुछ बिन्दुओं में....

 

हिंसा करने वालों को सेना की दो-टूक

 

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि कुछ कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वाले छात्रों को भड़काकर प्रदर्शन करा रहे हैं। हमारे साथ जो अग्निवीर में जुड़ना चाहता है वो प्रतिज्ञा लेगा कि उसने किसी प्रदर्शन या तोड़फोड़ में हिस्सा नहीं लिया है । । । फौज में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना कोई नहीं आ सकता है। इसलिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अनुरोध है कि अपना समय खराब न करें। 

 

◼ सेना से जुड़ने वालों को अकेला नहीं छोड़ते

 

सैन्‍य अधिकारियों ने कहा कि सेना से जुड़ने वालों को भारतीय फौज कभी अकेला नहीं छोड़ती है। वह हमेशा अपने जवानों का ख्‍याल रखती है। इसी तरह अग्निवीरों का भी सेना ख्‍याल रखेगी। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि सभी भर्तियां इसी योजना के तहत होंगी। 25 हजार अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर में सेना में शामिल किया जाएगा।

 

◼ नहीं होगा कोई भेदभाव

 

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने यह भी बताया कि देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। सेवा शर्तों में भी अग्निवीरों के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्‍हें सियाचिन और अन्य क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो नियमित सैनिकों पर लागू होती है। उनके साथ रहन सहन और सम्‍मान में कोई भेदभाव नहीं होगा। मौजूदा वक्‍त में नियमित जवान को जो पे-अलाउंस मिल रहे हैं, अग्निवीर को उससे ज्‍यादा मिलेंगे।

 

◼ 4 साल के बाद कई सहूलियतें मिलेंगी

 

सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि यह सवाल बार बार पूछा जा रहा है कि चार साल के बाद क्‍या । । । हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे। अग्निवीरों को सेवा के बाद कई सहूलियतें मिलेंगी। 

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◼ बढ़ती उम्र चिंताजनक

 

सैन्‍य अधिकारी ने कहा कि सशस्त्र बलों की बढ़ती उम्र चिंताजनक है। कारगिल समीक्षा समिति ने भी इस ओर इशारा किया था। तीनों सेना प्रमुख और पूर्व CDS ने मिलकर दूसरे देशों की सेनाओं की औसत उम्र देखी। यह योजना लाने से पहले विस्‍तृत चर्चा की गई है और अध्‍ययन किया गया।

 

◼ नई पीढ़ी में ताकत, जज्बा और जुनून

 

रक्षा मंत्रालय की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने सवाला उठाया कि क्‍या यह अच्‍छा लगता है कि देश की रक्षा करने वाली सेना 32 साल की हो । । । नई पीढ़ी हम लोगों से बेहतर है। उसके पास ताकत, जज्बा और जुनून भी है। वह तकनीक को भी बेहतर जानती है। यही कारण है कि सेना में आमूलचूल बदलाव के लिए यह नया भर्ती सिस्‍टम लाया गया है।

 

◼ बदल गया है लड़ाई का तरीका 

 

मौजूदा वक्‍त में लड़ाई का तरीका बदल गया है। यह पूरी तरह तकनीक पर निर्भर हो गई है। नई नई तकनीकि आ चुकी हैं। इसके लिए जरूरी है कि हमारा जवान ऐसी लड़ाई के लिए तैयार रहे। हमें सेना में युवा जोश चाहिए। हमें जुनून और जज्बे के साथ होश की भी जरूरत है।

 

◼ वापस नहीं ली जाएगी यह योजना

 

अग्निपथ योजना को वापस लेने जरूरत नहीं है, ना ही यह वापस ली जाएगी। रहा सवाल कि अभी क्‍यों तो । । । हमारा जवाब है कि कोरोना महामारी के बाद यह सबसे अच्‍छा समय है इसे लागू करने का। सेना में बदलाव की प्रक्रिया 1989 से चल रही है। सेना की औसत उम्र 32 साल है जिसे 26 पर लाना हमारा लक्ष्य है।

 

◼ CAPF की भर्ती में 10 परसेंट रिजर्वेशन

 

इससे पहले 18 जून शनिवार को गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए एक और ऐलान किया था । गृह मंत्रालय ने कहा कि जब अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद बाहर आते हैं तो उनके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स की नौकरियों में उन्हें 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा । 

 

इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और असम राइफल्स में अग्निवीरों की भर्ती में उपरी आयु सीमा में 3 साल की छूट दी जाएगी । जबकि अग्निवीरों के पहले बैच के लिए ये छूट 5 साल होगी । 

 

◼ आयु सीमा में छूट

 

अग्निपथ स्कीम की लॉन्चिंग के साथ कई छात्रों ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि पिछले दो सालों में कोरोना की वजह से भर्तियां नहीं हुई हैं । इसलिए वे अग्निपथ स्कीम के तहत जरूरी उम्र सीमा के दायरे से बाहर आ जाएंगे ।

 

बता दें कि अग्निपथ स्कीम के तहत बहाली के लिए उम्र सीमा साढ़े 17 साल से 21 साल तक है । छात्रों के इस विरोध के बाद रक्षा मंत्रालय ने एक और संशोधन किया ।

 

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई है । हालांकि ये रियायत केवल इसी साल यानी 2022 की भर्ती प्रक्रिया में ही लागू होगी । यानी बस पहले साल के लिए ।

 

बता दें कि पिछले दो वर्षों कोरोना की वजह से कोई भर्ती नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है । इस तरह से 2022 बैच के अग्निवीर 28 साल की आयु तक रक्षा मंत्रालय की नौकरियों में आवेदन कर सकेंगे । जबकि सामान्य तौर पर वे 26 साल तक रक्षा मंत्रालय की नौकरियों में आवेदन करने के योग्य होंगे । 

 

◼ 12वीं पास का सर्टिफिकेट

 

अग्निवीरों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है । इसके बाद उन्हें 4 साल नौकरी करनी पड़ रही थी । इस हालात में उनके सामने अपनी पढ़ाई जारी करने को लेकर चिंता हो सकती थी । इस समस्या के निदान के लिए स्कूली शिक्षा विभाग ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (NIOS) के जरिए उन्हें 12वीं तक पढ़ाई करने का विकल्प दिया गया । इसके लिए NIOS जरूरी बदलाव करने जा रहा है । 

 

◼ बैचलर डिग्री का स्पेशल कोर्स

 

इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए 3 साल का विशेष स्किल बेस्ड बैचलर डिग्री लॉन्च करने का फैसला लिया है ।  इसमें अग्निवीरों द्वारा 4 साल की सेवा के दौरान सीखे गए टेक्निकल स्किल को प्राथमिकता दी जाएगी । सूत्रों ने कहा कि IGNOU के साथ मिलकर इस कोर्स को डिजाइन किया जा रहा है । इस कोर्स में 50 फीसदी क्रेडिट सिर्फ स्किल ट्रेनिंग के लिए मिलेगा जो अग्निवीरों के सेवा काल के दौरान सीखा है । 

 

◼ मर्चेंट नेवी में भर्ती

 

भारतीय नौसेना के साथ-साथ पत्तन, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तहत नौवहन महानिदेशालय ने मर्चेंट नेवी में अग्निवीरों को सुचारू रूप से शामिल करने के लिए एक प्रणाली की घोषणा की है । इसके तहत, पत्तन, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने अग्निवीरों के कार्यकाल के बाद भारतीय नौसेना के मर्चेंट नेवी की विभिन्न भूमिकाओं में अग्निवीरों को शामिल करने के लिए छह आकर्षक सेवा क्षेत्रों की घोषणा की है । 

 

◼ राज्य पुलिस बलों में प्रमुखता से भर्ती

 

कई राज्य सरकारों ने घोषणा की है कि 4 साल तक सशस्त्र बलों की सेवा करने के बाद, राज्य पुलिस बलों में रिक्त पदों को भरने के लिए अग्निवीरों को वरीयता दी जाएगी । सशस्त्र बलों द्वारा अग्निवीरों को दिए गए प्रशिक्षण एवं अनुशासन से राज्य पुलिस बलों को बहुत लाभ होगा और उग्रवाद, नक्सलवाद तथा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में उनकी क्षमताओं में अत्यधिक वृद्धि होगी । 

 

◼ कॉरपोरेट क्षेत्र में अग्निवीरों के प्रशिक्षण और कौशल का उपयोग

 

कई कॉरपोरेट घरानों एवं उद्योग निकायों ने सशस्त्र बलों के लिए नई और परिवर्तनकारी भर्ती प्रक्रिया का स्वागत किया है । उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से प्रशिक्षित, अनुशासित व तकनीकी रूप से जानकार युवा जो सशस्त्र बलों में काम कर चुके हैं वे हमारे संगठनों के लिए मूल्यवान संपत्ति साबित होंगे

 

◼ ट्रेनिंग के दौरान मिलेगा 48 लाख का लाइफ इंश्योरेंस

 

ट्रेनिंग के चार साल बाद जब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को रिटायर किया जाएगा तो उन्हें 10 लाख चार हजार रुपये सेवा निधि के तहत दिए जाएंगे, जिसमें पांच लाख दो हजार रुपये उनके खुद के कमाए हुए होंगे । इसके अतिरिक्त उन्हें सरकार की ओर से किसी तरह की कोई ग्रेचुइटी या अन्य फंड नहीं मिलेगा । हालांकि, ट्रेनिंग अवधि के दौरान उन्हें 48 लाख रुपये का लाइफ इंश्योरेंस मिलेगा ।


Agniveer Recruitment 2022 | अग्निवीर भर्ती 2022


अग्निपथ स्कीम (Agnipath Scheme Protest) के ऐलान के बाद से ही देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और कई जगह पर हिंसा हो रही है । इस बीच महिंद्रा ग्रुप ने सेना में चार साल की सेवा के बाद 'अग्निवीरों' को नौकरी देने का ऐलान किया है । इसकी जानकारी महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने खुद ट्वीट कर दी ।

 

आनंद महिंद्रा ने हिंसा पर जताया दुख

 

आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर कई राज्यों में जारी हिंसा पर दुख जताया है । उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'अग्निपथ प्रोग्राम को लेकर हो रही हिंसा से दुखी हूं । बीते साल जब योजना पर विचार किया गया था तो मैंने कहा था और दोहराया था कि अग्निवीर जो अनुशासन और कौशल सीखेंगे, वह उन्हें खासतौर से रोजगार के लायक बना देगा ।

 

आनंद महिंद्रा ने दिया नौकरी देने का ऑफर

 

इसके साथ ही महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने सेना में चार साल की सेवा के बाद 'अग्निवीरों' को नौकरी देने का ऑफर दिया । उन्होंने ट्वीट में आगे कहा, 'महिंद्रा ग्रुप इस तरह के प्रशिक्षित, सक्षम युवाओं को हमारे यहां भर्ती (नौकरी) का मौका देगा ।'

 

 

अग्निवीरों को कंपनी में क्या मिलेगी पोस्ट?

 

कई ट्विटर यूजर्स ने आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) से पूछा कि वह अग्निवीरों को कंपनी में क्या पोस्ट देंगे? इस पर उन्होंने जवाब देते हुए लिखा, 'अग्निवीरों के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं । लीडरशिप क्वॉलिटी, टीम वर्क और शारीरिक प्रशिक्षण की वजह से अग्निवीर के रूप में इंडस्ट्री को बाजार के लिए तैयार पेशेवर मिलेंगे । ये लोग एडमिनिस्ट्रेशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट कहीं भी काम कर सकते हैं ।'

 

 

लगातार हो रहा है अग्निपथ योजना का विरोध

 

बता दें कि केंद्र सरकार ने 14 जून को अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) का ऐलान किया था, जिसके जरिए भर्ती होने वाले अग्निवीरों को चार सालों तक सेना में सेवा का मौका मिलेगा । हालांकि, इस अवधि के बाद सेना 25 फीसदी सैनिकों की सेवा में विस्तार देगी । हालांकि योजना के ऐलान के बाद से ही देश के कई राज्यों में विरोध हो रहा है और इसको लेकर युवा सड़कों पर उतर आए हैं । कई राज्यों में प्रदर्शन हिंसक हो गया है और प्रदर्शनकारी रेल व अन्य सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं ।

 

क्या है अग्निपथ योजना ?


Agnipath Scheme: जिस अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर देशभर में बवाल मचा है वो करीब दो साल पहले सेना के अधिकारियों के लिए ही आने वाली थी । उस वक्त इसका नाम अग्निपथ (Agnipath) नहीं बल्कि टूर ऑफ ड्यूटी यानि टीओडी (TOD) था ।  CDS जनरल बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) टीओडी के माध्यम से सेना में तीन साल के लिए अधिकारियों की नियुक्ति चाहते थे लेकिन दिसंबर 2021 को हुए हेलीकॉप्टर क्रैश (Helicopter Crash) में बिपिन रावत की मौत हो गई और इसके बाद टीओडी की ओर किस ने भी ध्यान नहीं दिया । 

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सेना के मुताबिक, जिस तरह जवानों के लिए अग्निपथ योजना है ठीक उसी तरह से ऑफिसर्स के लिए सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन यानि एसएससी ( SSC ) है । एसएससी के माध्यम से 10 साल के लिए अधिकारियों की नियुक्ति थलसेना में की जाती है । ये परीक्षा भी एनडीए यानि नेशनल डिफेंस एकेडमी ( NDA ) की तरह ही UPSC द्वारा आयोजित की जाती है । इस परीक्षा को कम्बाइंड डिफेंस सर्विस यानि सीडीएस ( CDS ) नाम दिया जाता है । आपको बता दें कि सेना के तीनों अंगों में परमानेंट कमीशन यानि स्थाई कमीशन के लिए यूपीएससी द्वारा आयोजित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) एग्जाम को साल में दो बार आयोजित किया जाता है । इसके अलावा सीडीएस परीक्षा के माध्यम से भी सीधे इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) और ठीक ऐसे ही वायुसेना और नौसेना में भी अधिकारियों की भर्ती ली जाती है । 


TOD और अग्निपथ योजना में क्या फर्क है ?


जैसा कि आप सबको पता ही है कि अग्निवीरों की भर्ती 4 साल के लिए ली जाएगी, जबकि TOD जिसे टूर ऑफ ड्यूटी कहते हैं इसमें 10 से 14 साल तक शार्ट सर्विस कमीशन के लिये ऑफिसर रैंक पर भर्ती लिया जाता है । अग्निवीर स्कीम सफल रही तो TOD भी हो सकेगा जल्द लागू हालांकि, रक्षा मंत्रालय और सेना में कोई भी अधिकारी फिलहाल टीओडी यानि टूर ऑफ ड्यूटी प्लान पर नहीं बोलना चाहता है, लेकिन माना जा रहा है कि अगर अग्निवीर स्कीम सफल रही तो अधिकारियों के लिए भी टीओडी ( TOD ) प्लान लागू किया जा सकता है । क्योंकि सेना में अधिकारियों की कमी है । 


शार्ट सर्विस कमीशन और अग्निपथ योजना में क्या फर्क है ?


SSC अधिकारी 14 साल तक दे सकता है सेवाएं लेकिन एसएसी और अग्निपथ योजना में ये अंतर है कि जहां अग्निपथ योजना के तहत 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना से रिटायर कर दिया जाएगा । वहीं एसएससी अधिकारी दस साल के बाद भी चार साल के लिए अपनी सेवाएं बढ़ा सकता है । यानि कुल 14 साल तक वो सेना में अपनी सेवाएं दे सकता है । 14 साल के बाद अगर वो एनडीए अधिकारियों की तरह परमानेंट कमीशन चाहता है तो उसे एक कठिन 'बोर्ड' यानि इंटरव्यू और मेडिकल फिटनेस से गुजरना पड़ता है । 


TOD की जरूरत क्यों पड़ी ?


जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) का टीओडी (TOD) स्कीम लाने का उद्देश्य अधिकारियों (Officers) के लिए खाली पड़ी रिक्तियों को भरना भी था । इसी साल फरवरी के महीने में संसद में दिए एक सवाल के लिखित जवाब में रक्षामंत्री (Defence Minister) ने बताया था कि सेना के तीनों अंगों यानि थलसेना (Army), वायुसेना (Airforce) और नौसेना (Navy) में कुल 9290 अधिकारियों की कमी है । थलसेना में 7701, नौसेना में 1557 और वायुसेना में 572 अधिकारियों की कमी है । यही वजह है कि TOD के जरिए इन रिक्तियों को आने वाले समय में भरा जा सकता है ।


ड्यूटी पर दिव्यांग होने पर 44 लाख रुपये की राशि मिलेगी


यदि ड्यूटी के दौरान कोई भी अग्निवीर दिव्यांग हो जाता है तो उसे 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी। इसके साथ ही सेवा निधि और जितनी नौकरी बची है, उसकी पूरी सैलरी भी मिलेगी। उनका कुल 48 लाख रुपये का बीमा (इंश्योरेंस) भी होगा। वहीं, यदि कोई अग्निवीर शहीद हो जाता है तो उसके परिवार को एक मुश्त 44 लाख रुपये और सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा।


अग्निपथ ऑफिसियल नोटिफिकेशन 

Indian Army Agneepath Official Notification
Indian Navy Agneepath Official Notification
Indian Air Force Agneepath Official Notification

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